छत्तीसगढ़/अंबिकापुर। मानसून की शुरुआत के साथ ही अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में सड़कों पर खुले घूम रहे मवेशियों की समस्या एक बार फिर गंभीर होती जा रही है। शहर की मुख्य सड़कों, चौक-चौराहों और व्यस्त मार्गों पर बैठे मवेशी आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। इन हादसों में राहगीरों और वाहन चालकों के साथ-साथ बेजुबान मवेशी भी घायल हो रहे हैं।
शहरवासियों का कहना है कि मवेशियों को सड़क पर छोड़ने के खिलाफ नियम तो बने हुए हैं, लेकिन उनका प्रभावी पालन नहीं हो रहा। आरोप है कि कई पशुपालक बेखौफ होकर अपने मवेशियों को खुले में छोड़ देते हैं, जबकि नगर निगम की कार्रवाई अपेक्षित स्तर पर नजर नहीं आती। लोगों का कहना है कि निगम के दावे और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर दिखाई देता है।
इधर, प्रशासनिक व्यवस्था के बीच शहर का गौ सेवा मंडल घायल मवेशियों की मदद के लिए लगातार सक्रिय है। मंडल के सदस्य सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर घायल मवेशियों को सड़क से हटाते हैं, उनका उपचार कराते हैं और जरूरत पड़ने पर पशु चिकित्सकों की सहायता भी उपलब्ध कराते हैं।
नगर निगम आयुक्त डी.एन. कश्यप ने बताया कि निगम द्वारा लगातार सड़कों से आवारा मवेशियों को पकड़कर गौठानों में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही ऐसे मवेशी मालिकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, जो अपने पशुओं को लावारिस छोड़ रहे हैं।
हालांकि, शहरवासियों का मानना है कि जब तक मवेशी मालिकों पर प्रभावी दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी और नियमित अभियान नहीं चलाया जाएगा, तब तक सड़कों पर मवेशियों की समस्या और उससे होने वाली दुर्घटनाएं थमने वाली नहीं हैं।
अब देखना होगा कि नगर निगम अपने दावों को जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी बना पाता है और शहरवासियों को इस समस्या से कब तक राहत मिलती है।