अंबिकापुर। शहर के हृदय स्थल राम मंदिर के पास हुए भीषण अग्निकांड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस कांड के मुख्य आरोपी कारोबारी मुकेश अग्रवाल और प्रवीण अग्रवाल की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब BNS की धाराओं के साथ-साथ विस्फोटक अधिनियम की कड़ी और गैर-जमानती धाराएं जोड़ दी हैं।
10 साल की सजा का प्रावधान, कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी
विस्फोटक अधिनियम के तहत जो धाराएं जोड़ी गई हैं, उनमें दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल का प्रावधान है। कानूनी जानकारों का मानना है कि इन धाराओं के जुड़ने के बाद अब आरोपियों का जेल जाना लगभग तय है। कोतवाली थाना पुलिस दोनों कारोबारी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कभी भी दबिश दे सकती है।
क्या था पूरा मामला?
बीती 23 अप्रैल को राम मंदिर रोड स्थित 'मुकेश पटाखा एवं प्लास्टिक गोदाम' में भीषण आग लग गई थी। इस अग्निकांड ने पूरे शहर को दहला दिया था। घनी आबादी वाले क्षेत्र में बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों और बिना अनुमति के बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण किया गया था। आग इतनी विकराल थी कि आसपास के कई मकान इसकी चपेट में आ गए और करोड़ों की संपत्ति स्वाहा हो गई।
8 दिन बाद भी सुलग रही आग: घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 8वें दिन भी बिल्डिंग के मलबे से रह-रहकर धुआं और आग निकल रही है।
प्रशासन और पुलिस की सख्त कार्रवाई
घटना के बाद से ही शहरवासियों में भारी आक्रोश था कि रिहायशी इलाके में मौत का सामान (पटाखे) कैसे जमा किया गया? पुलिस ने अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए सख्त रुख अपनाया किया है।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि कानून के उल्लंघन और जनहानि के खतरे को पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल शहर की नजरें अब पुलिस की अगली कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।