छत्तीसगढ़/ कवर्धा : कबीरधाम जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां बैगा आदिवासी समुदाय के नाबालिग बच्चों की खरीद-फरोख्त किए जाने का खुलासा हुआ है। आरोप है कि बच्चों को महज 5 से 6 हजार रुपये में बेचकर गांव से बाहर ले जाया गया और उनसे मजदूरी कराई जा रही थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले में बच्चों के परिजनों की संलिप्तता भी सामने आई है।
मुखबिर से सूचना मिलने पर कवर्धा पुलिस ने तत्काल विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई के दौरान 13 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया गया। मामले से जुड़े आवेदन में चेतन यादव और रवि यादव पर बच्चों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया गया है। बताया गया कि बच्चों को दूरस्थ क्षेत्रों में काम पर लगाया गया और बदले में उनके परिजनों को पैसे दिए गए।
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बाल तस्करी और बाल मजदूरी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच जारी है तथा इसमें शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
कवर्धा पुलिस की इस कार्रवाई को बाल तस्करी और बाल मजदूरी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।